Friday, 14 August 2026

रायपुर । कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आज एक दिवसीय दौरे पर राजधानी रायपुर आ रहे हैं। श्री गांधी ओडिशा जाते हुए यहां दो घंटे रहेंगे। वे सुबह 10 बजे विमान से माना विमानतल पहुंचेंगे। वे यहां मायाराम सरजन फाउंडेशन द्वारा वीआईपी रोड स्थित बेबीलॉन होटल में यूनिवर्सल हेल्थ केयर की 'सबके लिए स्वास्थ्य का अधिकार विषय' पर आयोजित कार्यशाला में शामिल होंगे।
राहुल गांधी एक घंटे रायपुर रहेंगे और इस दौरान एक्सपर्ट व डॉक्टरों से मुलाकात कर यूनीवर्सल हेल्थ केयर के बारे में जानेंगे। बता दें श्री गांधी का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लोकसभा चुनाव घोषणा पत्र में वे यूनीवर्सल हेल्थ केयर को शामिल करने वाले हैं।
कार्यशाला के बाद दोपहर 12 बजे वे ओडिशा में एक चुनावी सभा के लिए रवाना हो जाएंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश प्रभारी पी एल पुनिया भी शामिल होंगे।

रायपुर।  लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) वोटबैंक को एकजुट करने की तैयारी में जुटी है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में आचार संहिता लगने से पहले जिस तरह से ओबीसी आरक्षण पर निर्णय लिए गए उससे यही संकेत मिलता है कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव में ओबीसी को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण देने का वादा करने जा रही है।
कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों का तो दावा है कि कांग्रेस ओबीसी आबादी के अनुपात में 27 फीसद आरक्षण का वादा करेगी और चुनाव जीतने के बाद उसे पूरा भी करेगी। इसका संकेत इसी बात से मिलता है कि छत्तीसगढ़ में सरकार ने चुनाव में जाने से पहले ओबीसी को 27 फीसद आरक्षण देने की संभावना तलाशने के लिए कमेटी बनाई है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने ओबीसी को 27 फीसद आरक्षण देने के लिए अध्यादेश पारित किया है।
इसके साथ ही मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया जहां 27 फीसद आरक्षण दिया गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में वर्तमान में ओबीसी को 14 फीसद आरक्षण दिया जा रहा है। ओबीसी वोटबैंक को लेकर कांग्रेस और भाजपा में खींचतान पुरानी है।
पिछले साल ही भाजपा ओबीसी के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने के लिए देशभर में प्रदर्शन कर चुकी है। भाजपा नीत एनडीए सरकार ने पिछले ही साल ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने का कानून पास किया। इसी विधेयक को अटकाने का आरोप भाजपा तब कांग्रेस पर लगाती रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को ओबीसी बताने से नहीं चूकते। इसकी वजह यही है कि देशभर में बहुसंख्यक 52 फीसद आबादी ओबीसी वर्ग की ही है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जीत के बाद ओबीसी वर्ग के नेता भूपेश बघेल सीएम बन गए तब भी उन्हें अध्यक्ष के पद से हटाया नहीं गया। हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष बदलने के पहले तक भाजपा में भी प्रदेश की बागडोर ओबीसी वर्ग के नेता धरमलाल कौशिक के हाथ थी।
बिखरी हुई हैं ओबीसी जातियां
छत्तीसगढ़ में करीब 47 फीसद ओबीसी हैं। इनमें साहू, पटेल, मरार, कुर्मी, निषाद आदि वर्गों की अलग-अलग आबादी है। प्रदेश में ओबीसी वर्ग में 95 से अधिक जातियां शामिल हैं। साहू समाज के पास 11 से 12 फीसद वोट हैं। पटेल, मरार, कुर्मी आदि का वोट प्रतिशत चार से पांच फीसद तक है। इन जातियों के अलग-अलग मुद्दे हैं। कोई भी ओबीसी वर्ग किसी एक राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा है। प्रदेश में 27 फीसद ओबीसी आरक्षण्ा की मांग पुरानी है।
ओबीसी वोटों के ध्रुवीकरण का प्रयास
कांग्रेस ओबीसी आरक्षण पर बड़ा दांव खेलकर ओबीसी वोटबैंक के ध्रुवीकरण का प्रयास कर सकती है। सूत्र बता रहे हैं कि पार्टी ओबीसी आबादी के अनुपात में 52 फीसद आरक्षण की घोषणा भी कर सकती है।
आदिवासी आरक्षण बढ़ाया, ओबीसी का नहीं
छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने आदिवासियों का आरक्षण बढ़ाकर 20 से 32 फीसद कर दिया था। पिछली सरकार ने अनुसूचित जाति का आरक्षण भी दो फीसद कम करके 12 कर दिया था। ओबीसी को 14 फीसद ही रहने दिया गया था।
कमेटी करेगी सभी वर्गों के आरक्षण की समीक्षा
राज्य सरकार ने आचार संहिता लगने से ठीक पहले जो कमेटी बनाई है वह सभी वर्गों के आरक्षण की समीक्षा कर रिपोर्ट देगी। आदेश में कहा गया है कि दस फीसद सवर्ण आरक्षण लागू करने का फार्मूला तो तलाश ही जाए, ओबीसी को 27 फीसद आरक्षण देने के लिए भी अध्ययन दिया जाए। इस कमेटी से अनुसूचित जाति, जनजाति को मिल रहे आरक्षण की समीक्षा करने को भी कहा गया है।

रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय में सहायक ग्रेड 3 के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगा गया है। इसके लिए विज्ञापन भी जारी कर दिया गया है। जारी विज्ञापन के मुताबिक कुल 48 पदों पर भर्ती होनी है। अधिक जानकारी छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय की वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती हैं। अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। साथ ही टाइपिंग कौशल की परीक्षा भी अलग से आयोजित की जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता- 12वीं पास व कंप्यूटर में एक वर्षीय डिप्लोमा के साथ हिन्दी व अंग्रेजी टाइपिंग का अनुभव।
वेतनमान- 19500- 62000 (लेवल-4)
आयु सीमा- 1 अप्रैल 2019 को 18 वर्ष से अधिक और 40 वर्ष से कम हो। (सिर्फ छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए) (विभिन्न वर्गों को शासन के नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान)
आवेदन की प्रारंभिक व अंतिम तिथि- 20 मार्च 2019 से 31 मार्च 2019 तक
आवेदन शुल्क-
अजा/अजजा/निःशक्तजन- 200 रुपये
अन्य पिछड़ा वर्ग- 250 रुपये
सामान्य वर्ग- 300 रुपये

रायपुर ।  सरकारी नीतियों की मीडिया में आलोचना करने वालों की अब खैर नहीं। डीजीपी डीएम अवस्थी ने अपने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए इस संबंध में आदेश जारी किया है। बता दें यह आदेश सुकमा एसपी जितेंद्र शुक्ला और मंत्री विवाद के बाद जारी किया गया है।
डीजीपी अवस्थी ने विभाग के तमाम अधिकारियों और इकाई प्रमुखों को आदेश जारी करते हुए कहा कि मीडिया-सोशल मीडिया में किसी प्रकार का प्रशासनिक पत्राचार व जनप्रतिनिधियों से कोई भी पत्राचार करते समये निर्धारित प्रशासनिक व्यवस्था का खास ध्यान रखें।
परिपत्र जारी करते हुए डीजीपी ने अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते किसी भी प्रकार का दस्तावेज प्रस्तुत करना प्रतिबंधित है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से वर्ष 2017 में जारी किेए गए पत्र का हवाला देते हुए प्रावधान का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक के साथ-साथ दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

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