Friday, 14 August 2026

रायपुर । छत्तीसगढ़ की कमान संभालने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने जो अभूतपूर्व फैसले लिए उनकी तारीफ जनता तो कर ही रही है लेकिन अब इसकी गूंज सात समंदर पार भी पहुंच गई है। दो महीने अपने कार्यकाल में सीएम बघेल ने जनता के दिल खासी जगह बना ली है।
लंदन के 'हाउस आफ लार्ड्स' और 'हाउस ऑफ कॉमंस' ने आदिवासियों को जमीन वापस करने के लिए श्री बघेल की पीठ तो थपथपाई ही है। इसके लिए श्री बघेल का ब्रिटिश संसद हाउस और हाउस ऑफ लार्डस में 19 मई को किया जायेगा। इतना ही नहीं सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। ये पहला ऐसा मौका होगा जब छत्तीसगढ़ के कोई मुख्यमंत्री इंग्लैंड के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे।
लंदन में हियर एंड नॉउ पीआर कंपनी के डायरेक्टर मीनष तिवारी बताया कि यूरोप में छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सलवाद और एक पिछड़े हुए राज्य के रूप में थी। भूपेश सरकार के आदिवासियों की जमीन लौटाने और ऑर्गेनिक खेती को लेकर जो निर्णय लिए हैं उसको लेकर यूरोप में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनी है। ये पहली सरकार हैं जिन्होंने अदिवासियों के मामले को देखते हुए इस तरह के कार्यो को किया है।

रायपुर । छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित जिले सुकमा में मंत्री और एसपी के बीच हुए लेटर वार ने सियासी घमासान तेज कर दिया है। मंत्री कवासी लखमा को एसपी जितेंद्र शुक्ला की लिखी चिट्ठी सामने आने के बाद एक ओर जहां एसपी का तबादला हो गया है, वहीं अब इस मुद्दे पर सियासी बवाल भी देखने मिल रहा है।
इस मामले में चुप्पी तोड़ते हुए मंत्री कवासी लखमा ने हरिभूमि से कहा ​कि वे 20 साल से विधायक हैं, लेेकिन पहली बार ऐसी चिट्ठी देखी जिसमें सीधे तौर पर जनप्रतिनिधि के अधिकारों को ही चुनौती देने की कोशिश की गई है। इतना ही नहीं, मंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि दोनों चिट्ठियों को वारयरल किसने किया, इसकी जाचं की जाएगी।
मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी का तबादला किए जाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल धन्यवाद भी दिया है। उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा, मैं मंत्री होने से पहले उस जिले का 20 साल से विधायक हूं। जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र के लोग सुख दुख लेकर मेरे पास आते हैं। इसलिए उनके हितों को लेकर पत्र लिखना मेरा काम भी है और अधिकार भी।
चूंकि मुझसे संबंधित टीआई के संबंध में भी अवेदन किया गया था, इसलिए मैंने एसपी को चिट्ठी लिखी थी। लोकतंत्र में एसपी भी मंत्री को चिट्ठी लिख सकते हैं, लेकिन पत्र में अधिकारों को लेकर ही चुनौती दी गई है। यह भी कहा गया है कि किसी प्रकार बाहरी हस्तक्षेप उचित नहीं है। मंत्री का कहना है जब उन्हें क्षेत्र की जनता 20 साल से अपना प्रतिनिधि चुन रही है, तो किस आधार पर उन्हें बाहरी करार दिया जा सकता है और एसपी को इसका अधिकार किसने दिया कि वह पत्र लिखकर को लेकर चुनौती दें।
दाल में कुछ तो काला है
दोनों ही चिट्ठियों के वायरल होने को लेकर मंत्री कवासी लखमा ने कहा, मैं प्रतिपक्ष में रहते हुए भी अधिकारियों को चिट्ठी को वायरल करना और मुझे चिट्ठी भेजकर उसे भी लीक कराकर वायरल करना बेहद गंभीर मामला है। बेहद चतुराई से इसे अंजाम दिया है। चुंकि मेरे किसी कार्यकर्ता ने तो चिट्ठी को वायरल किया नहीं है, इसलिए दाल लमें कुछ काला है, यह साफ नजर आता है। चिट्ठियों को वायरल करने में किसकी भूमिका रही है, इसकी जाचं कराई जाएगी। इसक बाद सबकुछ सामने आ जाएगा।
ऐसी है एसपी की चिट्ठी
विशयांकित संदर्भित पत्र का अवलोकन करने का कश्ट करें। जिसके माध्यम से श्री सुरेंद पामभोई निरीक्षक थाना प्रभारी फुलबगड़ी जिला सुकमा का थाना प्रभारी नियुक्त किए जाने हेतु निर्देशित में लेख इस प्राकर हे कि जिले में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक की होती है। जो वे अपने अधिनस्थ कार्यरत थाना प्रभारियों के माध्यम से करते हैं और यह पुलिस अधीक्षक का विशेषाधिकार है कि वे इस कार्य हेतु किसे नियुक्त करें या किसे हटावें। पुलिस अधीक्षक के उक्त कार्य में किसी प्रकार का बाहरी हस्ताक्षेप करना अथवा प्रभाव डालना उचित नहीं है। जिससे निरीक्षक सुरेंद्र पामभोई थाना प्रभारी फुलबगड़ी को थाना प्रभारी छिंदगढ़ या तोंगपाल बनाया जाना संभव नहीं है। पत्र आपकी ओर सादर प्रेषित है।

रायपुर । सुकमा एसपी जितेंद्र शुक्ल का ट्रांसफर मामला राजनीतिक रुप ले चुका है। जेसीसीजे ने इसको लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखा है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष अमित जोगी ने सुकमा पुलिस अधीक्षक के स्थानांतरण और नेशनल हेराल्ड को सरकारी विज्ञापन देने कोआचार संहिता का खुला उल्लंघन बताया है। अपने पत्र में जोगी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम २००७ और आचार संहिता के सभी नियमों की धज्जियाँ उड़ाते राज्य शासन के एक मंत्री के दबाव में अति-संवेदनशील सुकमा ज़िले के पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया गया।
समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ है कि उक्त अधिकारी ने अपने स्थानीय विधायक और शासन के मंत्री के थानेदार को हटाने के निर्देशों का पालन करने से इनकार कर दिया और इस कारण प्रदेश सरकार द्वारा उनकी पदस्थापना के दो महीने बाद ही स्थानांतरण पुलिस मुख्यालय रायपुर कर दिया गया। इस से निश्चित रूप से बाक़ी अधिकारियों में भी प्रशासनिक भय और आतंक का वातावरण निर्मित हो रहा है जो चुनाव की निष्पक्षता के लिए घातक सिद्ध होगा।

रायपुर । लोकसभा चुनाव के मद्देनजर स्थैतिक निगरानी दल ने पहली बड़ी कार्रवाई की है. टाटीबंध चौक में व्यापारी अरुण कुमार चौरसिया से 2 लाख 25 हजार 500 रुपए नगदी जब्त कर लिया गया है. टाटीबंध चौक पर पॉइंट बनाकर यातायात निरीक्षक ईश्वर हरदेव अन्य कई आरक्षकों के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे ।
चेकिंग के दौरान अरुण कुमार चौरसिया के पास से सवा दो लाख रुपए नगदी बरामद किया गया. भौतिक सत्यापन के दौरान रुपयों के संबंध में व्यापारी ने कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया. जिसके चलते व्यापारी से रकम जब्त कर मामले की विस्तृत तस्दीक की जा रही है।

R.O.NO. 13259/132
  • R.O.NO.13129/146 "
  • R.O.NO.13259/132 " B

Address Info.

Owner / Director - Piyush Sharma

Office - Shyam Nagar, Raipur, Chhattisgarh,

E mail - publicuwatch24@gmail.com

Contact No. : 7223911372

MP info RSS Feed