रायपुर । विश्व में पहली बार थर्ड जेंडर समुदाय का सामूहिक विवाह होने जा रहा है। यह अयोजन रायपुर में होगा। इस सामूहिक विवाह में 15 ट्रांसजेंडर अपने पुरुष साथी संग परिणय सूत्र में बधेंगी। खास बात यह है कि इनका कन्यादान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे। मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी इस विवाह समारोह में शिरकत करेंगे।
सामूहिक विवाह में हिस्सा लेने प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और कोलकाता से भी जोड़े आ रहे हैं। 15 जोड़ों में से 8 प्रदेश के हैं, जबकि शेष देश के अन्य राज्यों से हैं। सामूहिक विवाह के लिए 50 कपल ने आवेदन किया था। इनमें से 15 ऐसे जोड़ों का चयन किया गया है, जिनके दस्तावेज सही पाए गए।
थर्ड जेंडर समुदाय की विद्या राजपूत ने बताया कि यह आयोजन इसलिए कराया जा रहा है, ताकि थर्ड जेंडर का भी समाजीकरण हो सके। हमारे समाज के जो लोग रिलेशनशिप में रह रहे हैं, उनके रिश्ते को एक नाम दिया जा सके। बचपन से हमारी ख्वाहिश होती है। कि हमारी शादी हो और हम भी दूल्हा-दुल्हन बने। इस सपने को सच करने की दिशा में ही हमने कदम बढ़ाया है।
अब अपनी शादी में नाचेंगे
अभी तक दूसरों की शादियों में ही नाचते और खुशियां मनाते आ रहे हैं। इस आयोजन के जरिए हमारे बचपन का सपना पूरा होगा। हम अपनी शादी का जश्न मनाएंगे।
- विद्या राजपूत, थर्ड जेंडर वेलफेयर बोर्ड
हल्दी मेहंदी से लेकर बारात बिदाई और रिेसेप्शन भी
सामूहिक विवाह परंपरागत हिंदू रीति रिवाज से होगा। 29 मार्च को हल्दी और मेहंदी की रस्म होगी। इसके अगले दिन बारात आएगी। 30 मार्च को बारात ाअने के बाद विवाह होगा। विदाई और रिसेप्शन भी इसी दिन रखा गया है। विवाह आयोजन के लिए दो स्थलों पर चर्चा चल रही है।
शादी या तो वीआईपी रोड स्थित एक निजी होटल में होगी अथवा शहर के भीतर एक होटल में इस विवाह के लिए बात की जा रही है। शादी समारोह में किसी तरह की कोई कमी न रह जाए, इसका कपूरा ध्यान रखा जा रहा है। यह आयोजन थर्ड जेंडर को समाज की मुख्यधारा में लाने और उन्हें परिवार से जोड़ने का एक प्रयास है।



रायपुर । विधानसभा चुनाव की बम्पर जीत का उत्साह लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं का अतिउत्साह न बन जाए। कांग्रेस को इस बात की चिंता सता रही है कि लोकसभा चुनाव में कहीं कार्यकर्ताओं का यह अतिउत्साह पार्टी की नैय्या न डुबा दे। पार्टी के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने मंत्रियों और विधायकों को तो नसीहत दे दी है कि वे अब विधायकी छोड़कर रोड पर उतर जाएं। वहीं, संगठन इस कोशिश में लगा है कि कार्यकर्ता उत्साहित रहें, लेकिन अतिउत्साहित न हों।
रायपुर । लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दलों का बड़ा हथियार सोशल मीडिया रहेगा। छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया वार के लिए कांग्रेस अपने छह लाख से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को तैयार करने में जुट गई है। पहली बार पार्टी का आइटी सेल सभी मोर्चा, संगठन, विभाग और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को सोशल मीडिया वार की ट्रेनिंग दे रहा है। प्रशिक्षण पाने वाले पदाधिकारी अपने संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया वार के लिए तैयार करेंगे।
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