Friday, 14 August 2026

रायपुर । विश्व में पहली बार थर्ड जेंडर समुदाय का सामूहिक विवाह होने जा रहा है। यह अयोजन रायपुर में होगा। इस सामूहिक विवाह में 15 ट्रांसजेंडर अपने पुरुष साथी संग परिणय सूत्र में बधेंगी। खास बात यह है कि इनका कन्यादान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे। मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी इस विवाह समारोह में शिरकत करेंगे।
सामूहिक विवाह में हिस्सा लेने प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और कोलकाता से भी जोड़े आ रहे हैं। 15 जोड़ों में से 8 प्रदेश के हैं, जबकि शेष देश के अन्य राज्यों से हैं। सामूहिक विवाह के लिए 50 कपल ने आवेदन किया था। इनमें से 15 ऐसे जोड़ों का चयन किया गया है, जिनके दस्तावेज सही पाए गए।
थर्ड ​जेंडर समुदाय की विद्या राजपूत ने बताया कि यह आयोजन इसलिए कराया जा रहा है, ताकि थर्ड जेंडर का भी समाजीकरण हो सके। हमारे समाज के जो लोग रिलेश​नशिप में रह रहे हैं, उनके रिश्ते को एक नाम दिया जा सके। बचपन से हमारी ख्वाहिश होती है। कि हमारी शादी हो और हम भी दूल्हा-दुल्हन बने। इस सपने को सच करने की दिशा में ही हमने कदम बढ़ाया है।
अब अपनी शादी में नाचेंगे
अभी तक दूसरों की शादियों में ही नाचते और खुशियां मनाते आ रहे हैं। इस आयोजन के जरिए हमारे बचपन का सपना पूरा होगा। हम अपनी शादी का जश्न मनाएंगे।
- विद्या राजपूत, थर्ड जेंडर वेलफेयर बोर्ड
हल्दी मेहंदी से लेकर बारात बिदाई और रिेसेप्शन भी
सामूहिक विवाह परंपरागत हिंदू रीति रिवाज से होगा। 29 मार्च को हल्दी और मेहंदी की रस्म होगी। इसके अगले ​दिन बारात आएगी। 30 मार्च को बारात ाअने के बाद विवाह होगा। विदाई और रिसेप्शन भी इसी दिन रखा गया है। विवाह आयोजन के लिए दो स्थलों पर चर्चा चल रही है।
शादी या तो वीआईपी रोड स्थित एक निजी होटल में होगी अथवा शहर के भीतर एक होटल में इस विवाह के लिए बात की जा रही है। शादी समारोह में किसी तरह की कोई कमी न रह जाए, इसका कपूरा ध्यान रखा जा रहा है। यह आयोजन थर्ड जेंडर को समाज की मुख्यधारा में लाने और उन्हें परिवार से जोड़ने का एक प्रयास है।

रायपुर । विधानसभा चुनाव की बम्पर जीत का उत्साह लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं का अतिउत्साह न बन जाए। कांग्रेस को इस बात की चिंता सता रही है कि लोकसभा चुनाव में कहीं कार्यकर्ताओं का यह अतिउत्साह पार्टी की नैय्या न डुबा दे। पार्टी के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने मंत्रियों और विधायकों को तो नसीहत दे दी है कि वे अब विधायकी छोड़कर रोड पर उतर जाएं। वहीं, संगठन इस कोशिश में लगा है कि कार्यकर्ता उत्साहित रहें, लेकिन अतिउत्साहित न हों।
छत्तीसगढ़ बनने के बाद यह देखा गया है, कि जिस पार्टी की प्रदेश में सरकार बनती है, उसे ही लोकसभा चुनाव में भी बढ़त मिलती है। इसका कारण यह है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे के चार माह बाद लोकसभा चुनाव हो जाता है। जीतने वाली पार्टी के पक्ष में माहौल बना रहता है।
अभी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 90 में से 68 सीटों पर जीत मिली है, इसलिए कांग्रेस का मानना है कि प्रदेश में कांग्रेस की लहर बनी हुई है। पार्टी मानती है कि कांग्रेस कुछ पक्ष में मजबूत है, तो कहीं पर अपनी कमजोरी भी मानकर चल रही है। कमजोरी को दूर करने की कवायद चल रही है।
कांग्रेस का मजबूत पक्ष
- तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत।
- प्रदेश सरकार के 60 दिनों की उपलब्धियां।
- पहली बार बूथ स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कार्यकर्ता तैयार।
- सरकार बनने पर पार्टी पर भरोसा लौटा, कई नेता वापस आए।
- मोदी को घेरने राफेल, जीएसटी, नोटबंदी जैसे सशक्त मुद्दे हैं कांग्रेस के पास।
कांग्रेस का कमजोर पक्ष
- मंत्रिमंडल गठन के बाद से वरिष्ठ विधायकों में नाराजगी।
- ज्यादा दावेदार होने पर असंतोष का खतरा।
- मोदी सरकार की विफलता को घर-घर पहुंचाने की चुनौती।
- ऊपर ही ऊपर जिम्मेदारी का तय होना, इसलिए रणनीति के क्रियान्वयन में पिछड़ जाना।
- पिछले तीन लोकसभा चुनाव में केवल एक-एक सीट जीतती रही।

रायपुर । लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दलों का बड़ा हथियार सोशल मीडिया रहेगा। छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया वार के लिए कांग्रेस अपने छह लाख से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को तैयार करने में जुट गई है। पहली बार पार्टी का आइटी सेल सभी मोर्चा, संगठन, विभाग और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को सोशल मीडिया वार की ट्रेनिंग दे रहा है। प्रशिक्षण पाने वाले पदाधिकारी अपने संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया वार के लिए तैयार करेंगे।
छत्तीसगढ़ बनने के बाद विधानसभा चुनाव में पहली बार कांग्रेस ने सोशल मीडिया में अपनी ताकत दिखाई थी। आइटी सेल का गोपनीय स्थान पर बकायदा वार रूम तैयार किया गया था, जहां न केवल पार्टी के आइटी सेल के पदाधिकारी, बल्कि दूसरे राज्यों से आइटी विशेषज्ञों ने भी मोर्चा संभाल रखा था।
वार रूम से आइटी सेल की जिला स्तर की टीम जुड़ी थी, जो कांग्रेस समर्थित पोस्ट को मतदाताओं तक फैलाने का काम करती थी। अब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का सोशल मीडिया में वृहद स्तर पर विस्तार नजर आएगा।
इसका कारण यह है कि आइटी सेल न केवल अपनी टीम, बल्कि युवा कांग्रेस, एनएसयूआइ, महिला कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक विभाग समेत अन्य मोर्चा-संगठनों को जोड़कर सोशल मीडिया वार में कूदने वाला है। सब मिलाकर कांग्रेस के लगभग छह लाख तीन हजार सदस्य हैं, सभी को सोशल मीडिया वार से जोड़ा जा रहा है, जिसकी शुस्र्आत रायपुर संभाग से हो चुकी है।
आइटी सेल ने 17 मार्च तक सभी संभाग के मोर्चा, संगठन, विभाग व प्रकोष्ठों के जिलास्तर के पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। जिले के पदाधिकारी कैंप लगाकर ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे।
बघेल सरकार की ब्रांडिंग एपीसोड
प्रदेश में अब कांग्रेस की सरकार है, इसलिए आइटी सेल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार के 60 दिनों के काम की ब्रांडिंग करने वाला वीडियो एपीसोड भी तैयार कर रहा है। इसे भी सोशल मीडिया पर हर दिन चलाया जाएगा।
केंद्र की नाकामियों पर भी वीडियो सिरीज
विधानसभा चुनाव में 'रमन का उल्टा चश्मा" नाम से वीडियो सिरीज कांग्रेस आइटी सेल ने बनाया था, जो हिट हुआ था। राहुल गांधी ने भी इस वीडियो सीरिज की तारीफ की थी। अब प्रदेश का आइटी सेल लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टॉरगेट करने की तैयारी कर रही है। आइटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष जयवर्धन बिस्सा ने बताया है कि सोशल मीडिया पर मोदी को घेरने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं की पोल खोलती वीडियो सिरीज तैयार किया जा रहा है, जो कि जल्द ही एक के बाद एक लांच किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में समस्या मूलक क्षेत्रों में पेयजल समस्या के स्थायी
 
समाधान के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए
 
रायपुर, के .डब्लू. एन .एस. 9 मार्च 2019/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी जिलों में पेयजल की दृष्टि से समस्या मूलक क्षेत्रों को चिन्हांकित कर वहां पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में लगभग 1250 मिलीमीटर औसत वर्षा प्रतिवर्ष होती है। वर्षा की दृष्टि से छत्तीसगढ़ राज्य सौभाग्यशाली है, लेकिन गर्मी की ऋतु में राज्य के अनेक हिस्सों में आम जनता को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है, इस समस्या का समाधान आवश्यक है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यथा संभव प्रयास किया जाए कि आगामी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट कम से कम हो तथा आगामी तीन वर्षों में इसका स्थायी समाधान हो सके। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर जिला कलेक्टरो को जारी  निर्देशों में कहा है कि शासन के विभिन्न विभागों द्वारा जल संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें बड़ी धनराशि खर्च होने के बाद भी राज्य के अनेक जिलों में भू-जल स्तर गिरता जा रहा है। इस समस्या का समाधान किया जाना आवश्यक है।
 
उन्होंने अपने निर्देश में कहा है कि सभी जिला कलेक्टर अपने जिलों में पेयजल की दृष्टि से समस्या मूलक क्षेत्रों को चिन्हांकित कर कार्ययोजना तैयार करें, जिसमें इस वर्ष वर्षा ऋतु के पूर्व किए जाने वाले जल संरक्षण के कार्य, आगामी दो-तीन वर्षों में किए जाने वाले कार्य, विभिन्न विभागों के पास उपलब्ध राशि तथा अतिरिक्त राशि की आवश्यकता संबंधी जानकारी शामिल हो। 
R.O.NO. 13259/132
  • R.O.NO.13129/146 "
  • R.O.NO.13259/132 " B

Address Info.

Owner / Director - Piyush Sharma

Office - Shyam Nagar, Raipur, Chhattisgarh,

E mail - publicuwatch24@gmail.com

Contact No. : 7223911372

MP info RSS Feed