Friday, 14 August 2026

रायपुर ।  कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र में देश की सबसे बड़ी समस्या पर ध्यान केंद्रित करने का स्वागत किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रवक्ता शेख मुशीर ने कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र को देश से ग़रीबी मिटाने और बेरोजगारी को समाप्त करने की दिशा में मील का पत्थर बताया है ।
शेख मुशीर ने इस पहल के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने अपने घोषणा पत्र पर युवाओं का पूरा ध्यान रखते हुए देश मे ख़ाली पड़े 22 लाख सरकारी पदों पर मार्च 2020 तक भर्ती की बात कही है, साथ ही देश के युवाओं को नए उद्योग लगाने केलिए किसी की इजाज़त की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा ग्राम पंचायत में 10 लाख युवाओं के रोज़गार की व्यवस्था की जाएगी ।

रायपुर ।  प्रदेश के नए-नवेले कोरबा लोकसभा क्षेत्र को बने महज 10 साल ही हुए हैं. यह सीट छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के 9 साल बाद अस्तित्व में आया है. सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित सीट का उदय एससी वर्ग के लिए आरक्षित सीट सारंगढ़ के विलोपन के साथ हुआ. बतौर कोरबा का इतिहास महज दो चुनावों का है. इसमें एक बार कांग्रेस तो एक बार बीजेपी को जीत मिली है. यह इलाका अजीत जोगी का प्रभाव वाला भी, क्योंकि मरवाही विधानसभा की सीट भी कोरबा लोकसभा के हिस्से है. तो ऐसे राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले सीट पर क्या है सियासी समीकरण…सत्ता का संग्राम में कौन मारेगा बाजी?
न केवल छत्तीसगढ़ का बल्कि कहें देश की ऊर्जाधानी से देश के कई हिस्सों को बिजली सप्लाई होती है. ताप नगरी कोरबा कोयले का खान है. यहां दुनिया की सबसे उच्चतम स्तर का कोयला मिलता है. वैसे इस इलाके में छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा बांध मिनीमाता बांगो डैम भी है. हसदेव नदी से सिंचित यह इलाका भारत के विभिन्न सांस्कृतिक रंगों को अपने समेटे हुआ है. भले ही कोरबा लोकसभा का संसदीय इतिहास एक दशक ही पुराना है लेकिन यह राजनीतिक तौर पर समृद्ध इलाका. छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी से नेता इसी सीट से निकले हैं. इतना सबकुछ होने के बाद भी कोरबा विकास के अनेक पैमानों पर बेहद उपेक्षित है ।
सारंगढ़ के विलोपन के साथ कोरबा का उदय
कोरबा लोकसभा सीट का उदय सारंगगढ़ लोकसभा सीट के विलोपन के साथ हुआ. साल 2009 में जब नए लोकसभा सीटों के लिए परिसीमन हुआ तो छत्तीसगढ़ का एससी आरक्षित सीट सारंगढ़ विलोपित कर दिया. सारंगढ़ की जगह फिर कोरबा अनारक्षित वर्ग की लोकसभा सीट बनी है. सारंगढ़ लोकसभा से कुछ विधानसभा सीटें जांजगीर के हिस्से आ गई, जबकि कुछ रायगढ़ में चली. इसी तरह जांजगीर एससी वर्ग के लिए आरक्षित सीट हो गई, जबकि कोरबा में बिलासपुर लोकसभा की मारवाही और सरगुजा लोकसभा की कोरिया जिले की विधानसभा सीटें मिला दी गई ।
परसराम भारद्वाज ने खेली लंबी पारी
कोरबा लोकसभा क्षेत्र के निर्माण से पहले सारंगढ़ संसदीय क्षेत्र आपातकाल के बाद देश के राजनीतिक मानचित्र पर आया था. सारंगढ़ लोकसभा में 1977 में हुए पहले चुनाव में भारतीय लोकदल के गोविंदराम मिरी ने कांग्रेस के गोंदिल प्रसाद अनुरागी को 12 हजार मतों के अंतर से पराजित कर पहले सांसद बने. लेकिन इसके बाद 1980 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता विद्याचरण शुक्ल और पंडित शिवप्रसाद तिवारी की प्रेरणा से राजनीति में आए परसराम भारद्वाज ने कांग्रेस को पहली जीत दिलाई. इसके बाद लगातार चार चुनावों में जीत दर्ज कर परसराम भारद्वाज ने सांसद के रूप में एक लंबी पारी खेली ।
खुंटे ने खोला भाजपा का खाता
परसराम भारद्वाज ने 1998 को हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के पीआर खुंटे से करीबन 6 हजार वोटों के अंतर से जीत पाए थे. लेकिन एक साल बाद ही 1999 को हुए लोकसभा चुनाव में पीआर खुंटे ने सूद सहित वसूली करते हुए भारद्वाज को 51 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से पराजित किया. लेकिन इसके बाद प्रदेश के बदले राजनीतिक माहौल में विवादों में घिरे खुंटे भाजपा छोड़कर कांग्रेस चले गए, लेकिन सारंगढ़ की सीट भाजपा के पाले में ही रही, जब 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में गुहाराम अजगले ने कांग्रेस के परसराम भारद्वाज को 59 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया. इस तरह गुहाराम अजगले सारंगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतिम सांसद रहे ।
कोरबा में पहली जीत कांग्रेस की
2009 में जब कोरबा लोकसभा सीट पर पहला चुनाव हुआ तो कांग्रेस को यहां से जीत मिली. कांग्रेस दिग्गज नेता वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत यहां से सांसद चुने गए. तब केन्द्र में कांग्रेस की लगातार दूसरी बार सरकार बनी थी. लेकिन 2014 में मोदी लहर में देश भर में कांग्रेस की हार का असर कोरबा में भी दिखा है और भाजपा के बंशीलाल महतों के हाथ चरण दास महंत चुनाव हार गए ।
अब महंत की पत्नी चुनाव मैदान में
2019 के चुनाव में कांग्रेस ने डॉ. चरण दास महंत की जगह उनकी पत्नी ज्योत्सना महंत को प्रत्याशी बनाया है. वहीं भाजपा ने मौजूदा सांसद महतो की टिकट काटकर नए चेहरे ज्योतिनंद दुबे को मैदान में उतारा है. दोनों ही पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ने जा रहे हैं. भले ही इस सीट से महंत की पत्नी चुनाव लड़ रही हैं लेकिन प्रतिष्ठ दांव डॉ. चरण महंत का ही है. कांग्रेस ने इस सीट को जीतने पूरी ताकत झोंक दी है. वैसे सीट से अजीत जोगी भी पहले चुनाव लड़ने वाले थे, लेकिन उन्होंने अब अपने कदम वापस खींच लिए हैं. लिहाजा इससे कांग्रेस को फायदा इस सीट पर मिल सकता है. वहीं प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के आसरे कांग्रेस को कोरबा लोकसभा जीतने का पूरा भरोसा है ।
तीन जिलों में फैली कोरबा लोकसभा में विधानसभा सीटें
कोरबा लोकसभा सीट के अंतर्गत कोरबा जिले की चार कोरबा, कटघोरा, रामपुर व पाली-तानाखार, कोरिया जिले की तीन मनेंद्रगढ़, भरतपुर सोनहत व बैकुंठपुर और बिलासपुर जिले की मरवाही विधानसभा सीट आती है. 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के पक्ष में 4-4 सीटें आई थी, लेकिन 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में मामला एकतरफा हो गया, और आठ में से 6 कांग्रेस के पास और एक-एक सीट भाजपा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) को गई है ।

रायपुर ।  फिल्म अभिनेता आमिर खान के खिलाफ रायपुर कोर्ट में केस रजिस्टर्ड हो गया है, और उन्हें नोटिस जारी कर 19 जून को उपस्थित होने कहा है ।
मामला 2015 का है, जिसमें आमिर खान ने एक सम्मान समारोह के दौरान देश में असहिष्णुता का माहौल बताते हुए देश छोड़ने की बात कही थी. इस मामले में रायपुर कोर्ट के अधिवक्ता दीपक दीवान और संजय पोपटानी ने परिवाद दाखिला किया था, लेकिन लोवर कोर्ट से उनकी याचिका खारिज हो गई थी, बाद में उन्होंने पुनर्निरीक्षण याचिका प्रस्तुत की, जिसमें 4 साल बाद मंगलवार को विशेष न्यायालय लीना अग्रवाल की कोर्ट ने केस रजिस्टर्ड करते हुए नोटिस जारी किया है. साथ ही इसमें छत्तीसगढ़ शासन को भी एक पक्षकार बनाया गया है. इस मामले में अगली सुनवाई 19 जून 2019 को होगी ।

रायपुर ।  छत्तीसगढ़ में आईने की राजनीति शुरु होते ही जोर पकड़ने लगी है, कांग्रेस एक-एककर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को आईना भेजकर उन्हें आईना दिखाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने भी भाजपा के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर को आईना भेजकर पूछा कि आपकी चौकीदारी में पूर्व में सीएम रमन सिंह के दमाद डॉ. पुनीत गुप्ता करोड़ो की हेराफेरी कर प्रदेश से भाग गया. यह आपकी कैसी चौकीदारी थी ।
राकेश गुप्ता ने ट्विटर की जरिए कहा कि ओनरशिप में अस्पताल को गिरवी रख देने के लिए छत्तीसगढ़ की जनता पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर से जवाब मांग रही है. इसलिए तोहफे में आपके लिए आईना भिजवा रहा हूं अपना मुंह देख कर इसका सवाल का जवाब दीजिए. किस तरह से अस्पताल में दमाद ने भ्रष्टाचार किया है इसका जवाब दीजिए. ट्विट करते हुए बकायदा गुप्ता ने अजय चंद्राकर, बीजेपी और पीएमओ इंडिया को भी टैग किया है ।
ये लिखा ट्विट में
    ”स्वास्थ्य मंत्री रहते आपकी चौकीदारी में सरकार का दामाद करोड़ों रुपए की हेराफेरी करके भाग गया है ओनरशिप में अस्पताल को गिरवी रख देने के लिए छत्तीसगढ़ की जनता आपसे जवाब मांग रही है तोहफे में आईना भिजवा रहा हूं अपना मुंह देख कर जवाब दें.”
बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आईना भेजते हुए तंज कसा था और पीएम को आईने में असली चेहरा पहचाने की कोशिश की थी. भूपेश ने आईने के साथ एक पत्र भी लिखा था जिसमें लिखा था कि आपको किस नाम से पुकारे चायवाला, चौकीदार, प्रधान सेवक या फिर औऱ किस नाम से पुकारे. इसलिए आप अपना असली चेहरा पहचानिए. जिसके बाद से छत्तीसगढ़ में चुनावी माहौल के साथ-साथ आईने की राजनीति भी शुरु हो गई है ।

R.O.NO. 13259/132
  • R.O.NO.13129/146 "
  • R.O.NO.13259/132 " B

Address Info.

Owner / Director - Piyush Sharma

Office - Shyam Nagar, Raipur, Chhattisgarh,

E mail - publicuwatch24@gmail.com

Contact No. : 7223911372

MP info RSS Feed