रायपुर। गुरुवार को पखांजूर के परतापुर थाने के मोहल्ला जंगल में सर्चिग पर निकले फोर्स पर नक्सलियों ने हमला बेला था। जिसमें बीएसएफ के सहायक उपनिरीक्षक बोरो सहित आरक्षक रामकृष्णन, आरक्षक सोमेश्वर और आरक्षक इशरार खान शहीद हो गए। आज बीएसएफ़ के चार शहीद जवानों को दी गई श्रध्दांजलि दी गई है।
माना चौथी बटालियन में श्रद्धांजलि दी गई, श्रध्दांजलि के बाद शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम भेजा जाएगा।श्रध्दांजलि में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, डीजीपी डीएम अवस्थी के साथ ही बीएसएफ, सीआरपीएफ सहित बड़ी संख्या में जवान मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान…
कांकेर में नक्सली हमले में चार बीएसएफ जवानों की शहादत बेहद दुखद है। शहीद परिवार के साथ हमारी पूरी संवेदना है। देश के लिए उन्होंने प्राणों की आहुति दी।। उन्हें मैं श्रध्दांजलि अर्पित करता हु।। दुखद इसलिए भी है कि कैम्प के कुछ ही दूरी पर यह घटना हुई। नक्सलियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। निश्चित रूप से अभी तक के 17 नक्सली हमारे जवानों ने मार गिराए है और यह पहली घटना है। दूसरी बात यह है कि जो आदिवासियों को विश्वास में लेंने की बात है। वहां परंपरागत से रहने वाले लोग है उसे विश्वास में लेने की बात है यह अभियान आचार संहिता खत्म होने के बाद शुरुआत करेंगे। इसको आगे बढ़ाएंगे।। सबसे चर्चा करने के बाद ही फिर आगे रणनीति तैयार करेंगे।



रायपुर । मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (मेकाहारा) में इलाज के लिए भर्ती कराई गई स्वाइन फ्लू की शिकार गर्भवती महिला की मौत हो गई. बेमेतरा जिले के बेरला ब्लॉक के गांव बेलतरा की रहने वाली महिला को दो दिन पहले ही क्रिटिकल कंडीशन में दो दिन पहले भर्ती कराया गया था ।
रायपुर । आबकारी आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह की अध्यक्षता में आज यहां आबकारी भवन में रायपुर और दुर्ग राजस्व संभागों के जिला आबकारी अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवैध शराब के खिलाफ चल रहे छापामार अभियान की समीक्षा की गई। साथ ही दोनों संभागों की शराब दुकानों में शराब की कीमतों पर नियंत्रण रखने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
रायपुर । जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया समन्वयक व प्रवक्ता संजीव अग्रवाल ने मीडिया के माध्यम से निजी स्कूलों पर यह आरोप लगाया है कि निजी स्कूलों के द्वारा बच्चों के अभिभावकों की जेबों पर डाका डाला जा रहा है और तरह-तरह की फ़ीस ले कर लोगों को ठगा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूल एडमिशन फ़ीस और ट्यूशन फ़ीस के नाम पर पैसे वसूल कर रहे हैं। इसके अलावा अभिभावकों को स्कूल के यूनिफार्म और कॉपी किताबों के लिए भी अलग से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। ये निजी स्कूल सरकारी मानकों को ताक पर रखते हुए अपनी मनमानी कर, शिक्षा के नाम पर व्यापार कर रहे हैं।
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