Saturday, 15 August 2026

रायपुर। अंतागढ़ टेपकांड मामले में प्रमुख गवाह फिरोज सिद्दिकी ने पुलिस के ऊपर आरोपियों को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है।  सिद्दिकी ने कहा है कि पुलिस आरोपियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रही है ताकि आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल जाये और उन्हें गिरफ्तार न किया जाये।  जबकि जांच एजेंसी को पर्याप्त साक्ष्य दे दिए गए हैं।  मेरा 164 का बयान भी अभी नहीं करवाया जाना पुलिस की भूमिका में संदेह उत्पन्न करता है। 

सिद्दिकी ने कहा सबसे बड़ी और आश्चर्यजनक बात यह है कि लगता है नामजद आरोपियों से एक बार भी कथन नहीं लिया गया है।  शराब माफ़िया और बिल्डर से कोई पूछताछ नहीं की गई है।  जबकि मैंने स्पष्ट शब्दों में अपना कथन दे दिया है इसमें किन-किन की भूमिका रही है।  आरोपियों की घर की तलाशी लेने की बजाए पुलिस द्वारा गवाह के घर की तलाशी लेने की बात कहना आश्चर्य लगता है।  फिरोज सिद्दिकी ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि स्पष्ट शब्दों में मेरा कहना है अगर एसपी के दबाव वाली बयान के बाद फिरोज सिद्दीकी ने ये बयान जारी किया है। 
आपको बता दें अंतागढ़ टेपकांड मामले में फिरोज सद्दिकी से पुलिस ने ओरिजनल रिकॉर्डिंग और रिकॉर्डिंग डिवाइस की मांग की थी।  जिस पर सिद्दिकी ने पुलिस को वीडियो टेप उपलब्ध कराए गए थे।  लेकिन अब बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा टेप की जांच को चंडीगढ़ फोरेंसिक लैब भेजा गया था लेकिन वहां से टेप वापस आ गया है।  लैब ने ओरिजनल रिकॉर्डिंग की मांग की है।  लैब द्वारा कहा गया है कि जो रिकॉर्डिंग जांच के लिए सौंपी गई थी वह कॉपी पेस्ट है।  जिसके बाद पुलिस असली टेप हासिल करने के लिए प्रमुख गवाह फिरोज सिद्दिकी के घर की सर्चिंग किये जाने की बात कह रही है।

रायपुर । मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने सोशल मीडिया में प्रसारित हो रही मतदान संबंधी सूचना को भ्रामक और तत्थहीन बताया है। उन्होंने चुनौती वोट (अभ्याक्षेपित मत) तथा टेंडर वोट (निविदित्त मत) के संबंध में प्रसारित की जा रही जानकारी का खंडन करते हुए इसे मतदाताओं को भ्रमित करने वाला करार दिया है। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया माध्यमों में बताया जा रहा है कि मतदान केन्द्र में पहुँचने पर मतदाता सूची में नाम नहीं होने की स्थिति में भी मतदाता अपना मतदान कर सकता है। इस भ्रामक सूचना में यह बताया जा रहा है कि ऐसी स्थिति में मतदाता पीठासीन अधिकारी से निर्वाचन संचालन अधिनियम 1961 की धारा 49 (ए) के तहत ‘चुनौती वोटÓ के तहत अपना पहचान पत्र दिखाकर मतदान कर सकता है। श्री साहू ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदान केन्द्र में वोट डालने के लिये मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है। मतदाता सूची में नाम नहीं होने के स्थिति में कोई भी दस्तावेज (यथा आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र या अन्य फोटो पहचान पत्र) प्रस्तुत करने पर भी मत देना संभव नहीं होगा। चुनौती वोट का इस परिस्थिति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि चुनौती वोट की स्थिति तब निर्मित होती है, जब किसी मतदाता के पहचान को किसी अभ्यर्थी के अभिकर्ता के द्वारा चुनौती दी जाती है, तो पीठासीन अधिकारी चुनौती की जाँच पश्चात चुनौती सिद्ध नहीं होने पर व्यक्ति को मत डालने की अनुमति देंगे और ऐसे वोट को चुनौती वोट कहा जाता है। यदि चुनौती सिद्ध हो जाती है, अर्थात मतदाता गलत पाया जाता है तो मत डालने से वंचित किया जाएगा तथा लिखित शिकायत के साथ पुलिस को सौंपा जाएगा।

रायपुर । मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने सोशल मीडिया में प्रसारित हो रही मतदान संबंधी सूचना को भ्रामक और तत्थहीन बताया है। उन्होंने चुनौती वोट (अभ्याक्षेपित मत) तथा टेंडर वोट (निविदित्त मत) के संबंध में प्रसारित की जा रही जानकारी का खंडन करते हुए इसे मतदाताओं को भ्रमित करने वाला करार दिया है। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया माध्यमों में बताया जा रहा है कि मतदान केन्द्र में पहुँचने पर मतदाता सूची में नाम नहीं होने की स्थिति में भी मतदाता अपना मतदान कर सकता है। इस भ्रामक सूचना में यह बताया जा रहा है कि ऐसी स्थिति में मतदाता पीठासीन अधिकारी से निर्वाचन संचालन अधिनियम 1961 की धारा 49 (ए) के तहत ‘चुनौती वोटÓ के तहत अपना पहचान पत्र दिखाकर मतदान कर सकता है। श्री साहू ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदान केन्द्र में वोट डालने के लिये मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है। मतदाता सूची में नाम नहीं होने के स्थिति में कोई भी दस्तावेज (यथा आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र या अन्य फोटो पहचान पत्र) प्रस्तुत करने पर भी मत देना संभव नहीं होगा। चुनौती वोट का इस परिस्थिति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि चुनौती वोट की स्थिति तब निर्मित होती है, जब किसी मतदाता के पहचान को किसी अभ्यर्थी के अभिकर्ता के द्वारा चुनौती दी जाती है, तो पीठासीन अधिकारी चुनौती की जाँच पश्चात चुनौती सिद्ध नहीं होने पर व्यक्ति को मत डालने की अनुमति देंगे और ऐसे वोट को चुनौती वोट कहा जाता है। यदि चुनौती सिद्ध हो जाती है, अर्थात मतदाता गलत पाया जाता है तो मत डालने से वंचित किया जाएगा तथा लिखित शिकायत के साथ पुलिस को सौंपा जाएगा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से नक्सलियों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया है।  विधानसभा चुनाव के बाद से शांत बैठे नक्सलियों ने लोकसभा चुनाव के साथ लगातार बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।  आज की बड़ी खबर ये है कि इस बार नक्सलियों ने उस इलाके में ब्लास्ट किए हैं जहां कुछ देर बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की चुनावी सभा होने जा रही है।  मतलब मुख्यमंत्री की सभा के ठीक पहले एक बड़ा ब्लास्ट नक्सलियों ने करके इलाके में दशहत फैला दी है।  नक्सलियों के इस ब्लास्ट में आईटीबीपी का एक जवाब घायल हो गया है। 

घटना राजनांदगांव के मानपुर इलाके की है।   मानपुर में ही आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस प्रत्याशी भोलाराम साहू के लिए शाम को चुनावी सभा को संबोधित करने वाले हैं।  लेकिन नक्सली घटना के बाद अब इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है।  साथ ही जवानों ने सर्चिंग तेज कर दी है।  बताया जा रहा है कि नक्सलियों तीन बम इलाके में लगाए थे इसमें दो बम ब्लास्ट हुए हैं।  फिलहाल  इस घटना अभी तक एक जवान के घायल होने की खबर है।  राजनांदगांव इलाके में सुरक्षा की जिम्मेदारी आईटीबीपी के जवानों के जिम्मे है। 
आपको बता दे कि मानपुर घोर नक्सल प्रभावित इलाका है।  इसी इलाके में 2009 में नक्सलियों ने एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था।  जहां तब तत्कालीन एसपी व्हीके चौबे सहित 29 जवान शहीद हो गए थे।
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