Friday, 14 August 2026

रायपुर । 6 साल पहले 25 मई 2013 को नक्सलियों ने कांग्रेस पार्टी के परिवर्तन यात्रा को निशाना बनाया था, जिसमें महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल, नंदकुमार पटेल समेत कांगेस के कई बड़े नेता शहीद हो गए थे।
इस घटना के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसमें माओवादियों ने दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी के काफिले को निशाना बनाया है। भाजपा के साथ ही कांग्रेसी नेताओं के बीच भी सामान्य रूप से लोकप्रिय आदिवासी नेता भीमा मंडावी का पीछा दुर्भाग्य ने अंतिम समय तक नहीं छोड़ा।
बाइक से गिरकर पत्नी की मौत, बेटी ने कूदकर की आत्हत्या
2018 में बतौर विधायक उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई थी, लेकिन इसके ​कुछ दिनों बाद ही उनकी पत्नी बाइक से गिरकर दुर्घटना में मौत की शिकार हो गई। इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने अपनी बेटी को भी खो दिया था।
उनकी बेटी ने हॉस्टर की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। भीमा मंडावी की बेटी 14 वर्षीय मोना शहर के मयूर स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा थी। मयूर स्कूल ने शंकर नगर स्थित आदित्य हाईट के चौथे और पांचवी मंजिल को छात्रावास के लिए किराए पर लिया था। यहीं से कूदकर मोना ने जुलाई 2013 में आत्महत्या की थी। मां के मौत के कारण मोना मानसिक रूप से परेशान थी। बताया जाता है कि भीमा मंडावी अपनी बेटी से बहुत प्यार करते थे बेटी के जाने से उन्हें गहरा सदमा लगा था।
दूसरी पत्नी सहित 3 बच्चे
पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भीमा ने दूसरी शादी की। उनकी दूसरी पतनी कांकेर जिले के माकड़ी की रहने वाली हैं। अभी स्व. मंडावी के परिवार में पत्नी समेत 2 बेटियां और 1 पुत्र है। नक्सलियों के खतरे के चलते वे दंतेवाड़ा के चितालंका में मकान बनाकर रह रहे थे।
उनका छात्र जीवन भी संघर्ष भरा रहा। गदापाल के जिस गांव से वे कई साल तक पंचायत सचिव रहे,उस गांव के पूर्व पंचायत सचिव नंदलाल ताती के दंतेवाड़ा के निवास में रहकर ही उन्होंने पढ़ाई की। 10वीं तक की पढ़ाई दंतेवाड़ा में करने के बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए फरसगांव गए। एमए की डिग्री उन्होंने यहां हासिल की।  
देवती को हराकर दोबारा बने विधायक
2013 के चुनाव में फिर से भीमा को टिकट मिली, लेकिन देवती कर्मा से वे चुनाव हार गए। 2018 के चनुाव में देवती कर्मा को हारकार वे बस्तर संभाग के इकलोते भाजपा के जीतने वाले विधायक बने। बस्तर की 12 सीटों में से केवल दंतेवाड़ा में ही भाजपा को जीत हासिल हुई थी। अपने क्षेत्र में वे बहुत लोकप्रिय थे। व्यक्ति गत परेशानियों के ाबद भी उन्होंने अपन काम पर कभी भी इसका आसर पड़ने नहीं दिया। लोगों की मदद के लिए वे हमेश तैया रहते थे।
पंचायत सचिव से विधायक बने थे भीमा
41 साल केि भीमा मंडावी का राजनैतिक सफर अचानक शुरू हुआ। जब वे दंतेवाड़ा के समीप गदापाल में पंचायत सचिव थे, उस दौरान पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष भी बने। उनका रूझान छात्र जीवनल से ही राजनीति की ओर रहा। पहला चुनाव ही बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा के खिलाफ 2008 में लड़ने का उन्हें अवसर भारतीय जनता पार्टी से मिला, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की।

रायपुर । दंतेवाड़ा में नक्सली हमले के बाद सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की गई. इसमें सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया. सरकार ने डीआईजी अमरेश मिश्रा को तत्काल दंतेवाड़ा भेजने का आदेश दिया. सीनियर आईपीएस अमरेश मिश्रा बुधवार को दंतेवाड़ा पहुंचेंगे. वे दंतेवाड़ा जिले के एसपी रह चुके हैं. जिले की जानकारी होने की वजह से उन्हें सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है ।
गौरतलब है कि इससे पहले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दो सीनियर आईपीएस को नक्सल जिलों में तैनात किया गया है. सुकमा जिले में अकबर राम कोर्राम और बीजापुर में रतनलाल डांगी को भेजा गया है ।
दिवंगत विधायक मनोज मंडावी के अंतिम संस्कार में भाजपा के बड़े नेता शामिल होंगे. जानकारी के मुताबिक उनके अंतिम दर्शन के लिए दंतेवाड़ा के बीजेपी कार्यालय में सुबह 9 बजे पार्थिव देह रखा जाएगा. दिवंगत मंडावी के अंतिम संस्कार में पूर्व सीएम रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सौदान सिंह, अनिल जैन समेत बीजेपी के तमाम बड़े नेता मौजूद रहेंगे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल रहेंगे ।
बता दें कि दंतेवाड़ा के कुआकोंडा थाना क्षेत्र के नकुलनार-बचेली मार्ग पर विधायक भीमा मंडावी के काफिले में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया था. जिसमें उनकी मौत हो गई है. इसके साथ ही काफिले में मौजूद पीएसओ सहित 4 जवान भी घटना में शहीद हो गए है।

रायपुर । माओवादी हमले में दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी सहित पांच लोगों के मारे जाने पर कांग्रेस ने गहरा शोक व्यक्त करते हुये इस घटना की कड़ी निंदा की है। पूरा कांग्रेस परिवार दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों का सहभागी है।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि हम कांग्रेसजन इस दर्द को समझते और महसूस करते हैं। कांग्रेस ने भी माओवादी हमले में अपने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों सहित बड़े नेताओं को खोया है। आज के माओवादी हमले 2013 के झीरम हमले जिसमें शहीद विद्याचरण शुक्ल, शहीद नंदकुमार पटेल, शहीद महेंद्र कर्मा, शहीद दिनेश पटेल, शहीद उदय मुदलियार, शहीद योगेन्द्र शर्मा सहित 31 लोगों की शहादत का घाव फिर से ताजा हो गया है।
माओवादियों की इस हरकत को क्रूर और अमानवीय ठहराते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यह माओवादी हमला लोकतंत्र पर प्रहार है। यह असहनीय और अस्वीकार्य है। बस्तर में लोकतंत्र की जड़े बहुत मजबूत है। इस प्रकार की हिंसक घटनाओं से माओवादी अपने नापाक मंसूबे पर कामयाब नहीं हो सकते।

रायपुर  ।  दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी की नक्सल हमले में मौत पर भाजपा ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इस हमले में शहीद हुए जवानों एवं वाहन चालक के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने दंतेवाड़ा के नक्सल हमले में भीमा मंडावी एवं जवानों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है. डॉ. जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 100 दिन पुरानी नक्सल संरक्षक कांग्रेस सरकार के कारण नक्सलियों ने इस कायरतापूर्ण घटना को अंजाम दिया है. यह राजनीतिक साजिश है और कांग्रेस इससे अपना दामन नहीं बचा सकती. इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए ।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने विधायक मंडावी पर हुए नक्सली हमले को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा है कि नक्सलियों ने चुनाव को प्रभावित करने के लिए यह हमला किया है. नक्सली लोकतंत्र के घोर विरोधी हैं और वे नहीं चाहते कि जनता निर्भय होकर मतदान करें. नक्सलियों ने दहशत फैलाने के इरादे से ही इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. लेकिन जनता लोकतंत्र विरोधी नक्सलियों को करारा जवाब देगी ।
उसेंडी ने कहा कि भाजपा ने अपना एक समर्पित कार्यकर्ता और दंतेवाड़ा की जनता ने अपना सच्चा सेवक खोया है. भीमा मंडावी के निधन से भाजपा को असहनीय आघात पहुंचा है और क्षेत्र की जनता ने अपना ऐसा प्रतिनिधि खो दिया है जो नक्सली चुनौती का सामना करते हुए हर क्षण जनता के हित में सक्रिय था. उसेंडी ने भीमा मंडावी के काफिले पर हुए हमले में शहीद हुए जवानों को श्रध्दांजलि दी ।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विधायक भीमा मंडावी की मौत को अपनी और भाजपा की भारी क्षति बताया. डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैंने अपना जीवट साथी और मेरी पार्टी ने समर्पित साथी खोया है. आज हम शोक के इन क्षणों में यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि नक्सली कभी भी अपने लोकतंत्र विरोधी इरादों में सफल नहीं हो पाएंगे. डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधायक भीमा मंडावी और सुरक्षा जवान लोकतंत्र की राह में शहीद हुए हैं. उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. डॉ. सिंह ने कहा कि भाजपा की संवेदनाएं शहीद जवानों के परिवार के साथ है ।  
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने नक्सली हमले में विधायक भीमा मंडावी के निधन को भाजपा की अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि मंडावी सच्चे अर्थों में ऐसे जन नेता थे जो नक्सली चुनौती का मुकाबला करते हुए जनता की सेवा में लगे हुए थे. भाजपा ने उनके निधन से एक समर्पित कर्म योगी कार्यकर्ता खो दिया है. भीमा मंडावी ने लोक तंत्र के लिए अपने प्राण न्यौछावर किये हैं. हम उन्हें और शहीद वीर जवानों को नमन करते हैं ।
बता दें कि दंतेवाड़ा के कुआकोंडा थाना क्षेत्र के नकुलनार-बचेली शार्टकट मार्ग में विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया. जिसमें उनकी मौत हो गई है. इसके साथ ही काफिले में मौजूद पीएसओ सहित 4 जवान भी घटना में शहीद हो गए है ।

R.O.NO. 13259/132
  • R.O.NO.13129/146 "
  • R.O.NO.13259/132 " B

Address Info.

Owner / Director - Piyush Sharma

Office - Shyam Nagar, Raipur, Chhattisgarh,

E mail - publicuwatch24@gmail.com

Contact No. : 7223911372

MP info RSS Feed