कोरबा । दर्री थाना के इंदिरानगर में रहने वाले एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी सफीक खान (65) के सूने मकान में धावा बोलकर चोरो ने लाखों रुपये का माल पार कर दिया है। चोरों ने सूनेपन का फायदा उठाकर घर की आलमारी में रखे 2 लाख 10 हजार नकदी और जेवरात समेत कुल 5 लाख 97 हजार के की चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
दर्री पुलिस को जैसे ही चोरी की खबर मिली सिटी एसपी पुष्पेंद्र बघेल प्रभारी रघुनन्दन शर्मा के साथ सदल बल मौके के लिए रवाना हो गए। चोरी के इस बड़ी वारदात की सूचना तत्काल पुलिस के आला अफसरों को दी गई जिसके बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड की मदद से घर की बारीकी से छानबीन की गई।
पुलिस को इस छानबीन से कई अहम सुराग हाथ लगने की बात कही जा रही है। पड़ोस के लोगों से भी पुलिस जरूरी पूछताछ कर रही है। मूलतः करतला इलाके के रामपुर के रहने वाले सफीक खान एनटीपीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।
उन्होंने दर्री थाना के इन्दिरानगर में आवास का निर्माण कराया है जहां वह अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। सफीक खान बीते 27 फरवरी को सपत्नीक एक सगाई समारोह में हिस्सा लेने रायगढ़ जिले में छाल के उडुकेला गांव गए हुए थे। उन्होंने इस बात की सूचना अपने किरायेदारों को भी दी थी।
28 फरवरी को रात 8 बजे जब वह पत्नी के साथ घर पहुंचे और भीतर दाखिल हुए तो टूटी हुई आलमारी और अस्त व्यस्त सामान देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने जब अपने जेवर गहने और नकद रकम की जानकारी जुटाई तो टूटे आलमारी से 2 लाख 10 हजार नकद और 3 लाख 87 हजार के गहने जेवरात गायब मिले। पीड़ित सफीक ने फौरन इसकी सूचना दर्री थाने में दी। पुलिस ने मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम करते हुए विवेचना शुरू कर दी है।



बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाला मामले में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की याचिका पर सुनवाई टल गई है। बता दें कि हाईकोर्ट चीफ़ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी और जस्टिस पी.पी. साहू के डिवीजन बैंच में सुनवाई होनी थी। याचिकाकर्ता धरमलाल कौशिक ने नॉन घोटाले में गठित SIT को लेकर जनहित याचिका दायर किया है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने राज्य सरकार के SIT गठन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।
बिलासपुर । कुंभ मेला के दौरान प्रयागराज में ही पांच सफाई कर्मियों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथों से पैर धोए। उनमें एक महिला सफाई कर्मी ज्योति उर्फ अंजू (25) छत्तीसगढ़ के कोरबा के गेरवाघाट बस्ती की रहने वाली है।
बिलासपुर। लगातार पांचवे साल भी इस बार फिर से जमीन का सरकारी रेट नहीं बढ़ेगा। जिले में जमीन के कलेक्टर गाइडलाइन रेट की वजह से लोगों पर रिजिस्ट्री के दौरान पड़ने वाले बोझ को कम करने तथा सरकारी और बाजार भाव के अंतर को खत्म करने के लिए गाइडलाइन रेट नहीं बढ़ाए जाने के आसार हैं।
"
"
B 