इंदौर । लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी किए जाने वाले वार्षिक कैलेंडर में इस बार इंदौर के कलाकार की रचनात्मकता नजर आ रही है। महात्मा गांधी के संदेशों, विचारों और कार्यों को आत्मसात करने के लिए इस बार उन्हीं पर आधारित कैलेंडर प्रकाशित किया गया है। 12 पन्नों वाले इस कैलेंडर को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कुछ अलग रूप से लाने का सोचा था, जिसे शहर के युवा चित्रकार सारंग क्षीरसागर की कलाकृतियों से सजाया गया है।
इस कैलेंडर में न केवल गांधीजी के संदेशों को अंकित किया गया है, बल्कि चित्रकारी के जरिए उनकी उस विचारधारा को भी दर्शाने का प्रयास किया है, जो हर दौर की आवश्यकता और समसामयिकता है। गांधीजी की घड़ी, चश्मा, चरखा, छड़ी, चप्पल, नमक, तीन बंदर आदि के जरिए विचारों को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
कलाकार सारंग बताते हैं हर पन्नों की डिजाइन में इस बात का ध्यान रखा गया कि कैलेंडर देखने वाले का ध्यान केवल गांधीजी पर ही केंद्रित होकर न रह जाए, बल्कि उनके उस संदेश को समझ सके, जिसे वे देना चाहते थे। इसलिए चरखे के बैकग्राउंड में लूम पर तिरंगा बुनते कारीगरों के साथ सभी मजहब के लोगों को लिया जोकि स्वावलंबन, एकता की बात कहता है। उनकी घड़ी का चित्र बनाकर बैकग्राउंड में बापू की प्रार्थना सभा बनाई गई है। उनका चश्मा बनाकर उसके रिफ्लेक्शन में तिरंगे को बताया गया, जो यह बात कहता है कि वे केवल देश की आजादी पर ही ध्यान दे रहे थे।
सारंग के अनुसार यह कैलेंडर डिजाइन करना इसलिए चुनौती भरा था क्योंकि इसमें केवल रेखांकन और रंग तक ही बात सीमित नहीं थी बल्कि विचारों को अप्रत्यक्ष रूप से मूर्त रूप में भी लाना था। 12 अलग-अलग विषयों को एक तानेबाने में रखते हुए ये कैलेंडर डिजाइन किया गया। कैलेंडर का विमोचन सुमित्रा महाजन ने किया



भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल गौर के तेवर फिलहाल नरम नहीं पड़ रहे हैं। अब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनका वादा याद दिलाते हुए भोपाल से लोकसभा के टिकट के लिए दावेदारी की है।
बैतूल। बैतूल के व्यस्तम नेहरू पार्क क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक चलती स्कॉर्पियो में आग की लपटें उठती दिखाई दी। चालक ने सावधानी से गाड़ी सड़क किनारे रोकी और भाग खड़ा हुआ। इसके बाद स्कॉर्पियो में आग बढ़ती गई और पूरी गाड़ी आग की बड़ी लपटों में घिर गई। जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचती तब तक गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई थी।

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