Saturday, 15 August 2026

रायपुर । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम को फिर मुद्दा बनाए जाने पर कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने इसे विपक्षी दलों की हताशा का परिचायक बताया है ।
उसेंडी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा और उसके सहयोगी दल ऐतिहासिक जीत हासिल कर रहे हैं और प्रथम चरण के मतदान का प्रतिशत इस बात की तस्दीक कर रहा है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इससे भयभीत नजर आ रहे हैं और इसीलिए उन्होंने अभी से ईवीएम का मुद्दा फिर से उठाया है. देश की राजधानी में विपक्षी नेताओं की संविधान बचाओ प्रेस कॉन्फ्रेंस दरअसल अपना वजूद बचाओ प्रेस कॉन्फ्रेंस थी क्योंकि आसन्न लोकसभा चुनाव में देश की जनता ऐतिहासिक जनादेश देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा व राजग की सरकार चुनने जा रही है और कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल अपना वजूद बचाने के ऐतिहासिक संघर्ष के दौर में जाने वाले हैं ।
उसेंडी ने कहा कि जब-जब भी विपक्ष को अपनी हार नजर आती है, वह हार का ठीकरा ईवीएम पर फोडऩा शुरू कर देता है. अगर ईवीएम पर कांग्रेस और विपक्ष को इतना ही अविश्वास है तो उन्हें उन राज्यों की सत्ता से अलग हो जाना चाहिए, जहां ईवीएम से ही वे सत्ता में आए हैं. उसेंडी ने कहा कि अगर वास्तव में ईवीएम को लेकर कांग्रेस गंभीर होती तो पहले छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान की विधानसभा को भंग कर दें, देती क्यूंकि उस मशीन ने ही कांग्रेस के पक्ष में फैसला दिया था ।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की विडंबना तो यह है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के प्रत्याशियों की ओर से अलग घोषणा पत्र जारी किया गया है. इसका साफ मतलब यह है कि छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं ने अपने केन्द्रीय चुनाव घोषणा पत्र को खारिज कर दिया है. कांग्रेस के प्रदेश नेताओं को यह समझ आ गया है कि कांग्रेस का घोषणा पत्र देशद्रोही ताकतों के हितों की रक्षा करने वाला है. इसमें देशद्रोह से जुड़ी धारा हटाने और कश्मीर में सैन्यबल घटाने का वादा करके कांग्रेस ने अपना रहा-सहा जनाधार भी खो दिया है. स्थिति यह है कि कांग्रेस के प्रत्याशी अब अलग से घोषणा पत्र जारी करके मतदाताओं के बीच जा रहे हैं. उसेंडी ने कहा कि कांग्रेस अपनी इन्हीं विसंगतियों के चलते अस्तित्व की लड़ाई के ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है ।

रायपुर । प्रदेश में चुनाव को लेकर की जा रही सघन जांच के दौरान अवैध पैसों और वस्तुओं की बरामदगी का आँकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. यह आँकड़ा बढ़कर साढ़े छह करोड़ रूपए से अधिक हो गया है. निगरानी दल, धन और वस्तुओं के अवैध परिवहन तथा संग्रहण पर नजर रख रही है जिसमें 13 अप्रैल तक 6 करोड़ 63 लाख 14 हजार 69 रूपए की राशि तथा वस्तु बरामद की गई है. इसमें 5 करोड़ 63 लाख 76 हजार 605 रूपए से अधिक नकद राशि बरामद की गई है. इसमें आयकर विभाग ने 4 करोड़ 81 लाख 28 हजार रूपए जब्त किए हैं वहीं पुलिस विभाग ने जाँच के दौरान 82 लाख 48 हजार 605 रूपए जब्त किया गया है ।
13 अप्रैल तक जब्तशुदा इन वस्तुओं में 5 करोड़ 63 लाख 76 हजार 605 रूपए नकद शामिल है, वहीं इस दौरान 5 हजार 975 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत 10 लाख 62 हजार 590 रूपए है. सघन जांच अभियान के तहत अधिकारियों ने अवैध लैपटॉप, साड़ी, प्रेशर कुकर आदि भी जब्त किए हैं, जिनकी कीमत 72 लाख 15 हजार 964 रूपए है. साथ ही 16 लाख पचास हजार रूपए के आभूषण तथा रत्न भी शामिल हैं ।

रायपुर । देश में चुनावी बयार चल रही है. वादों और घोषणाओं के बीच नेताओं के जहां अपने-अपने राग हैं वहीं आम जनता की अपनी तकलीफें. चुनाव की इस बयार के बीच जनता का दर्द भी सामने आने लगा है और लोग चुनाव के बहिष्कार की घोषणाएं भी करने लगे हैं. छत्तीसगढ़ में भी लगातार कई गांवों, मोहल्लों से इस तरह की खबरें आनी शुरु हो गई है ।
विष्णुदेव साय
ऐसा ही एक मामला जशपुर जिले से आ रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्री मंडल में शामिल एक मंत्री भी इस जिले के निवासी हैं. केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री विष्णुदेव साय के गांव बगिया के पड़ोसी गांव दारुपिसा के लोगों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर दिया है. रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दारुपिसा गांव में रहने वाले लोगों के साथ परिवार के बच्चों ने भी प्रदर्शन हाथों में तख्ती लेकर प्रदर्शन किया ।
दारुपिसा गांव के निवासियों का कहना है कि वे पिछले कई सालों से सड़क और पीने का पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है. हमारे गांव के पड़ोसी गांव वाले सांसद विष्णुदेव साय हो या बीजेपी-कांग्रेस के विधायक कोई नहीं सुनता हमारी समस्याओं को. हम लोग नेताओं से लेकर अधिकारियों तक का चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं लेकिन कोई नहीं सुनता. इसलिए अब हम लोगों ने मतदान नहीं करने का फैसला लिया है. जब तक इस गांव में पक्की सड़क नहीं बनता तब तक हम लोग मतदान का बहिष्कार करेंगे ।

रायपुर ।  आखिर क्यों कांग्रेस की सरकार आते ही अपराधी बैखौफ हो जाते हैं? आखिर क्यों कांग्रेस की सरकार आते ही नक्सलियों को लगता है कि उनकी सरकार आ गई? आखिर क्यों कांग्रेस की सरकार आते ही कानून व्यवस्था चरमराने लगती है? भारतीय जनता पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए इन सवालों को उठाते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जवाब मांगा है ।
छत्तीसगढ़ भाजपा ने ट्विटर में छत्तीसगढ़ पूछत हे के नाम से रायगढ़ जिला के टीमरलगा में खनन माफिया ने आईएएस को कुचलने की कोशिश की खबर के साथ कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से तीखे सवाल किए हैं. वहीं दूसरे ट्वीट में अपराध का गढ़ बना छत्तीसगढ़ शीर्षक से लोगों को ताकीद किया है कि सावधान! आप कांग्रेस सरकार वाले छत्तीसगढ़ में हैं. अपने जान माल की हिफाजत स्वयं करें, क्योंकि बदलेश दाऊ बदला-तबादला के बाद अभी प्रचार में व्यस्त हैं. अपराधी बेखौफ होकर हत्या-लूट, चोरी-डकैती, बालात्कार को अंजाम दे रहे हैं। कांग्रेस पार्टी मस्त है, जनता त्रस्त है ।

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