
publicuwatch24.-बिलासपुर। एसकेबी मल्टीस्पेशलिटी व ट्रामा सेंटर अस्पताल में मानकों के विपरीत ऑपरेशन थिएटर (ओटी) संचालित किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ओटी संचालन पर रोक लगा दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रमोद तिवारी ने निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां पाईं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
क्या है मामला?
कुछ दिन पूर्व एसकेबी अस्पताल में एक महिला का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के दौरान गलत प्रक्रिया अपनाए जाने के कारण महिला की हालत गंभीर हो गई। परिजनों ने तुरंत उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद परिजनों ने सीएमएचओ से शिकायत की, जिसके आधार पर मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया।
जांच में क्या मिला?
8 जनवरी को नर्सिंग होम एक्ट निरीक्षण दल ने एसकेबी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान निम्नलिखित गंभीर खामियां पाई गईं:
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ओटी के मानक: ऑपरेशन-पूर्व कक्ष और स्टाफ चेंजिंग रूम मानकों के अनुरूप नहीं थे।
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स्टरलाइजेशन और रिकवरी रूम: स्टरलाइजेशन कक्ष और ऑपरेशन के बाद मरीजों के लिए रिकवरी रूम खस्ताहाल स्थिति में मिले।
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रिकॉर्ड की कमी: ओटी का कल्चर रिपोर्ट और फ्यूमिगेशन रिकॉर्ड अधूरा पाया गया।
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कर्मचारियों की कमी: छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल से पंजीकृत पूर्णकालिक ओटी टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी पाई गई।
सीएमएचओ ने दिए निर्देश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे ओटी की सभी खामियों को शीघ्र सुधारें। उन्होंने सिम्स संस्थान से ओटी का कल्चर टेस्ट करवाने और संचालन मानकों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। जब तक ये सुधार नहीं किए जाते, तब तक ओटी संचालन पर रोक जारी रहेगी।
प्रशासन का कड़ा रुख
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस घटना को मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य मानकों को बनाए रखने की दिशा में एक कठोर संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
आंकड़े और जानकारी
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जांच तिथि: 8 जनवरी 2025
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मुख्य निरीक्षक: डॉ. प्रमोद तिवारी (सीएमएचओ)
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पाई गई खामियां:
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ऑपरेशन-पूर्व कक्ष और चेंजिंग रूम मानकों से विपरीत।
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स्टरलाइजेशन कक्ष और रिकवरी रूम की खराब स्थिति।
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फ्यूमिगेशन और कल्चर रिपोर्ट अधूरी।
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प्रशिक्षित स्टाफ की कमी।
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मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि
यह कार्रवाई अस्पतालों को यह संदेश देती है कि मरीजों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को चेतावनी दी है कि वे संचालन मानकों का पालन सुनिश्चित करें अन्यथा उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।




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