
publicuwatch24.-बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह बयान बुधवार रात बिलासपुर प्रवास के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए दिया। उन्होंने बताया कि इस मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी ईडी की जांच के बाद हुई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नियम सबके लिए समान हैं और इस मामले में किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।
कांग्रेस का सुकमा बंद और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर सुकमा बंद के आयोजन पर मुख्यमंत्री साय ने कहा, “कोई कुछ भी करे, लेकिन कानून और नियम सबके लिए बराबर हैं।” उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपने कार्य में स्वतंत्र हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे दंडित किया जाएगा।
नगरीय निकाय और पंचायती राज विधेयक संशोधन पर आरक्षण का मुद्दा
मुख्यमंत्री साय ने नगरीय निकाय और पंचायती राज विधेयक में संशोधन के तहत लागू आरक्षण पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह आरक्षण संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार लागू किया गया है। अगर कोई इस मुद्दे पर अदालत का दरवाजा खटखटाता है तो उसे ऐसा करने की स्वतंत्रता है, और कोर्ट इस पर निर्णय देगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में कुछ भी गलत नहीं हुआ है।
ओबीसी आरक्षण के लिए ठोस कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद का गठन किया और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण लागू किया गया है। उन्होंने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई राज्यों में ऐसा प्रयास नहीं किया गया, जिसके चलते वहां ओबीसी आरक्षण शून्य हो गया और चुनाव आयोग को चुनाव कराने पड़े। लेकिन छत्तीसगढ़ में इस पर बेहतर काम किया गया है।
मुख्यमंत्री का दावा: अन्य राज्यों से बेहतर प्रयास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया अन्य राज्यों की तुलना में अधिक प्रभावी और संवैधानिक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार ने आरक्षण लागू करने में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया है।
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले और कवासी लखमा की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का रुख साफ है। उन्होंने नियमों की समानता और कानून की पारदर्शिता पर जोर दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य में आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को संविधान सम्मत और अन्य राज्यों से बेहतर बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों के हितों की रक्षा करना है।




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