
publicuwatch24.-रायपुर। राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन में देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने महतारी वंदन योजना और नियद नेल्लानार योजना के तहत 69 लाख 15 हजार 273 हितग्राहियों को कुल 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि लखपति दीदी आत्मनिर्भरता और सम्मान का प्रतीक हैं। यह केवल आय का कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और समाज में उनके बढ़ते प्रभाव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिला महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बन चुका है, जहां महिलाएं आर्थिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अग्रसर हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ आज बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि लखपति दीदी आंदोलन दिखाता है कि जब महिलाएं संगठित होती हैं, तो परिवर्तन की गाथाएं स्वयं लिखती हैं। अपने संबोधन में राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि लखपति दीदी सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की जीवंत तस्वीर है। यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, संकल्प और आत्मबल से कैसे समृद्धि का नया अध्याय लिखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज हर जिले में महिलाएं स्वसहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम हो रही हैं। बलरामपुर में महिलाएं बाड़ी विकास और विपणन में, बस्तर में वनोपज से जैविक उत्पाद तैयार करने में, और कोण्डागांव में फूड प्रोसेसिंग, सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।




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